Bhajan

अधरो पे धर के बंसी किसको सुना रहे हो लिरिक्स

अधरो पे धर के बंसी किसको सुना रहे हो लिरिक्स के आकर्षक भजनों की लयबद्धता में खो जाएं, जहां आध्यात्मिकता की सुगंध हर सांस के साथ आपके भीतर समा जाती है। इस भजन के माध्यम से अपने हृदय के द्वार खोलें और दिव्य प्रेम के अथाह सागर में डुबकी लगाएं। अधरो पे धर के बंसी किसको सुना रहे हो लिरिक्स का हर सुर एक आध्यात्मिक अनुभव है, जो आपको जीवन की क्षणभंगुरता से परे, अनंत की ओर ले जाता है।

अधरो पे धर के बंसी,
किसको सुना रहे हो,
इतना बता दे मोहन,
किसको लुभा रहे हो।।



बनकर तेरा दीवाना,

तेरी याद में विचरता,
तेरे लिये कन्हैया,
ये दिल मेरा धड़कता,
अच्छा नहीं जो प्यारे,
नजरे चुरा रहे हो,
इतना बता दे मोहन,
किसको लुभा रहे हो।।



एक बात पूछता हूँ,

क्या मैं भी तुमको भाता,
गर प्रेम है बराबर,
फिर क्यों मुझे सताता,
इतना ही कहदे मुझको,
क्यों जुल्म ढा रहे हो,
इतना बता दे मोहन,
किसको लुभा रहे हो।।



तेरा रूप है निराला,

तेरी शान है निराली,
ये बागबा है तेरा,
और तू है इसका माली,
‘नन्दू’ दया दिखा दे,
क्यों भाव खा रहे हो,
इतना बता दे मोहन,
किसको लुभा रहे हो।।



अधरो पे धर के बंसी,

किसको सुना रहे हो,
इतना बता दे मोहन,
किसको लुभा रहे हो।।

Singer – Yogesh Meena
Lyrics – Nandu Ji


अंत में, जब “अधरो पे धर के बंसी किसको सुना रहे हो लिरिक्स” के अंतिम स्वर मौन में विलीन हो जाते हैं, तो इस भजन की परिवर्तनकारी शक्ति को अपने हृदय में समाहित होने दें, जो आपको आंतरिक शांति और अटल भक्ति के मार्ग पर ले जाती है।
अधरो पे धर के बंसी किसको सुना रहे हो लिरिक्स के भक्तिमय गीतों में अपने आप को खो दें, जो आपको जीवन की रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर ले जाते हैं और आपको आध्यात्मिकता के एक स्वप्निल संसार में पहुँचाते हैं। हर बार जब आप “अधरो पे धर के बंसी किसको सुना रहे हो लिरिक्स” सुनते हैं, तो आप अपने भीतर एक गहरी शांति और संतोष का अनुभव करेंगे।

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