Bhajan

श्री श्याम घनश्याम नाम की महिमा भारी रे

श्री श्याम घनश्याम नाम की महिमा भारी रे के आकर्षक भजनों की लयबद्धता में खो जाएं, जहां आध्यात्मिकता की सुगंध हर सांस के साथ आपके भीतर समा जाती है। इस भजन के माध्यम से अपने हृदय के द्वार खोलें और दिव्य प्रेम के अथाह सागर में डुबकी लगाएं। श्री श्याम घनश्याम नाम की महिमा भारी रे का हर सुर एक आध्यात्मिक अनुभव है, जो आपको जीवन की क्षणभंगुरता से परे, अनंत की ओर ले जाता है।

श्री श्याम घनश्याम नाम की,
महिमा भारी रे,
ओ म्हारा कुल का देवता,
क्यों देर लगाई रे।।



सुदी ग्यारस की रात जगाई,

कुनबों सभी बुलायो रे,
बारस के दिन कर्यो चूरमो,
गिरधार्यो नही आयो रे,
जी बालक को आज जड़ूलो,
वो नही पायो रे,
ओ म्हारा कुल का देवता,
क्यों देर लगाई रे।।



नीचे ढूंढ़यो ऊपर ढूंढ़यो,

ढूंढ़यो गली बज़ारा रे,
एक कांजर को कुणबो भारी,
पूछ्यो उससे जाकर रे,
कोई बालक ने देख्यो होतो,
माने बताओ रे,
ओ म्हारा कुल का देवता,
क्यों देर लगाई रे।।



कांजर बालक ने ले जाकर,

कुवे में पटक्यायो रे,
झंझारिया गोटा का कपड़ा,
गड्ढा में गाड़याओ रे,
झूठी सौगंध खावे कांजर,
कुछ ना बतावे रे,
ओ म्हारा कुल का देवता,
क्यों देर लगाई रे।।



बालक की माँ अन्न नही खावे,

सात दीना की भूखी रे,
गेहू चना का खेत नीर बिन,
सारी खेती सुखी रे,
कर हिम्मत कुआ पर जाकर,
रोवण लागी रे,
ओ म्हारा कुल का देवता,
क्यों देर लगाई रे।।



कुँए में से बालक बोल्यो,

ओ दादा क्यू रोवे रे,
म्हारो बाबा म्हारे कन्ने,
नितकी मुंडो धोवें रे,
खीर चूरमो माखन मिश्री,
नित की खुवावे रे,
ओ म्हारा कुल का देवता,
क्यों देर लगाई रे।।



कुआ में से बालक काढयो,

देखे दुनिया सारी रे,
सुनकर मायड़ दौड़ी आयी,
छाती से चिपकाई रे,
ओ गिरधारी धन्य हो गयी,
बाबो मिलग्यो रे,
ओ म्हारा कुल का देवता,
क्यों देर लगाई रे।।



सोहन लाल लोहाकार आपका,

हर्ष हर्ष गुण गावे रे,
चरण कमल को लियो आसरो,
ठोर नही कहा जावे रे,
शरण पड़े की बिगड़ी बनानी,
आवे थाने रे,
ओ म्हारा कुल का देवता,
क्यों देर लगाई रे।।



श्री श्याम घनश्याम नाम की,

महिमा भारी रे,
ओ म्हारा कुल का देवता,
क्यों देर लगाई रे।।

Singer – Nawal Loyalka
Upload By – Ravi Agrawal
9301653989


अंत में, जब “श्री श्याम घनश्याम नाम की महिमा भारी रे” के अंतिम स्वर मौन में विलीन हो जाते हैं, तो इस भजन की परिवर्तनकारी शक्ति को अपने हृदय में समाहित होने दें, जो आपको आंतरिक शांति और अटल भक्ति के मार्ग पर ले जाती है।
श्री श्याम घनश्याम नाम की महिमा भारी रे के भक्तिमय गीतों में अपने आप को खो दें, जो आपको जीवन की रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर ले जाते हैं और आपको आध्यात्मिकता के एक स्वप्निल संसार में पहुँचाते हैं। हर बार जब आप “श्री श्याम घनश्याम नाम की महिमा भारी रे” सुनते हैं, तो आप अपने भीतर एक गहरी शांति और संतोष का अनुभव करेंगे।

Back to top button
Top 10 Most Handsome Man in the World 6 Web Series Releasing In January 2024 10 Best Hindi Comedy Movies of 2023 You Missed 12 Exotic Pets for Apartment Living A Guide to Long-Distance Dog Travel Top 7 Most Dangerous Animals in the World 7 Most beautiful birds in the world Blood sucking bugs insects Best horror places in the world What is military method of sleeping