2024 Exit Poll Analysis: क्या कह रहे हैं एग्जिट पोल

लोकसभा चुनाव 2024 के एग्जिट पोल ने नतीजों से पहले ही कई महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे 4 जून को आने वाले हैं। एग्जिट पोल के नतीजों से पहले ही स्थिति काफी साफ हो चुकी है। सभी एग्जिट पोल्स में मोदी सरकार की वापसी का दावा किया गया है और कुछ पोल्स ने तो ‘400 पार’ की भविष्यवाणी भी कर दी है। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं, तो कांग्रेस के INDIA गठबंधन को अधिकतम 160 से 182 सीटें मिल सकती हैं।

एग्जिट पोल के 5 मुख्य संदेश

1. नेहरू के बाद मोदी का जलवा

एग्जिट पोल के अनुसार, नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद नरेंद्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री होंगे जो इतनी बड़ी जीत हासिल करेंगे। भाजपा अपने दम पर 300 से अधिक सीटें जीतने की स्थिति में है, जबकि सहयोगी दलों के साथ यह आंकड़ा 400 को पार कर सकता है।

2. कांग्रेस मोदी का विकल्प नहीं ढूंढ पाई

विपक्ष की सभी कोशिशों के बावजूद कांग्रेस नरेंद्र मोदी का विकल्प नहीं ढूंढ पाई। कांग्रेस ने कई राज्यों में क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन किया, लेकिन जनता ने भाजपा और नरेंद्र मोदी पर ही भरोसा जताया। पीएम मोदी ने जनता को स्थिर सरकार का संदेश सफलतापूर्वक पहुंचाया।

3. जनता का मोदी पर भरोसा

एग्जिट पोल बताते हैं कि जनता ने नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया है। पीएम मोदी की रैलियों में जनता ने उन्हें ध्यान से सुना और उनके मुद्दों पर विश्वास किया। महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर विपक्ष की आलोचना के बावजूद जनता ने मोदी को समर्थन दिया।

4. बंगाल और ओडिशा में भाजपा की बढ़त

बंगाल और ओडिशा में भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत की है। बंगाल में भाजपा 26 से 31 सीटें जीतने की संभावना है, जबकि टीएमसी 11-14 सीटों पर सिमट सकती है। ओडिशा में भाजपा को 18-20 सीटें मिलने की उम्मीद है, जबकि सत्तारूढ़ बीजेडी को 2 सीटें या उससे भी कम मिल सकती हैं।

5. दक्षिण भारत में भाजपा की एंट्री

कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों में भाजपा की स्थिति मजबूत हुई है। कर्नाटक में भाजपा को 28 में से 25 सीटें मिलने की संभावना है। केरल और तमिलनाडु में भी पार्टी को अच्छी सफलता मिलती दिख रही है। आंध्र प्रदेश में एनडीए 25 में से 23 सीटें जीत सकती है।

निष्कर्ष

2024 के एग्जिट पोल के अनुसार, नरेंद्र मोदी और भाजपा की मजबूत स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को इस चुनाव में जनता का समर्थन कम मिलता दिख रहा है। अब सबकी नजरें 4 जून को आने वाले चुनाव परिणामों पर हैं।