अक्सर जब दुनिया के दो देशों के बीच तनाव बढ़ता है, तो उसका सीधा असर आपकी जेब और निवेश पर पड़ता है। वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से यहाँ के हालात अचानक बदल गए हैं। इस वजह से निवेशकों के मन में काफी सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब सोना और चांदी खरीदना और महंगा हो जाएगा? सोना और चांदी पहले ही अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुके हैं।
बाजार में तेजी की असली वजह
सोमवार, 5 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में जो भारी उछाल आया, उसकी मुख्य वजह अनिश्चितता है। जब भी दुनिया में युद्ध या तनाव जैसे हालात बनते हैं, तो लोग शेयर बाजार जैसी जोखिम वाली जगहों से पैसा निकालकर सोने-चांदी में लगाने लगते हैं, क्योंकि इसे सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है।
वेनेजुएला के घटनाक्रम के बाद:
- सोने की कीमत: हाजिर सोना लगभग 1.9 प्रतिशत बढ़कर 4,411 डॉलर के पार पहुंच गया।
- चांदी की चमक: चांदी में भी जबरदस्त खरीदारी देखी गई और इसमें 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई।
कीमतें बढ़ने की वजह सिर्फ युद्ध ही नहीं, ये कारण भी हैं अहम
कीमतें बढ़ने की वजह सिर्फ वेनेजुएला का संकट ही नहीं है। बाजार में यह चर्चा भी तेज है कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) इस साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोने-चांदी में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद लगने लगता है।
क्या कहता है पिछला रिकॉर्ड?
2025 का साल सोने-चांदी के लिए वैसे भी ऐतिहासिक रहा है। पिछले एक साल में सोने ने करीब 64 प्रतिशत का मुनाफा दिया है। चांदी की बात करें तो इसने 147 प्रतिशत की बढ़त दिखाई है। चांदी की बढ़ती मांग के पीछे इसकी औद्योगिक जरूरत और सप्लाई की कमी भी एक बड़ा कारण है।
आगे क्या होगा? अब सबकी नजर अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है। इन आंकड़ों से साफ होगा कि आने वाले समय में ब्याज दरों और कीमतों का रुख क्या रहेगा। अगर आप निवेश की सोच रहे हैं, तो इन बदलावों पर नजर रखना बहुत जरूरी है।









