भारतीय ऑलराउंडर क्रिकेटर विजय शंकर ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। उन्होंने अपने घरेलू राज्य तमिलनाडु को अलविदा कह दिया है। जानकारी के अनुसार वह आने वाले सीज़न में त्रिपुरा टीम से खेलते नजर आएंगे। यह कदम उन्होंने ऐसे समय पर उठाया है जब वह बुची बाबू क्रिकेट टूर्नामेंट में तमिलनाडु की ओर से खेल रहे थे।
13 साल का लंबा रिश्ता टूटा
विजय शंकर का तमिलनाडु के साथ लगभग 13 साल पुराना रिश्ता रहा। उन्होंने 2011-12 में तमिलनाडु से अपने लिस्ट-ए करियर की शुरुआत की थी। समय के साथ हालात ऐसे बने कि उनका टीम से जुड़ाव कमजोर होता गया।
- पिछले साल भी उन्होंने रणजी ट्रॉफी के शुरुआती दो मैच नहीं खेले थे।
- सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी वह कुछ मैचों से बाहर रहे।
- इस दौरान विजय ने खुद कहा था कि “अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद बेंच पर बैठना मुश्किल है।”
आहत होकर लिया फैसला
जानकारी के मुताबिक, विजय शंकर को बुची बाबू टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में महाराष्ट्र के खिलाफ XI से बाहर कर दिया गया। इसी फैसले से आहत होकर उन्होंने तमिलनाडु छोड़ने का निर्णय ले लिया।
- उन्होंने तुरंत तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन से NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) मांगा।
- एसोसिएशन ने भी इसमें देरी नहीं की और उन्हें एनओसी दे दिया।
करियर और प्रदर्शन
- भारत के लिए विजय शंकर अब तक 12 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं।
- उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच साल 2019 में हुआ था।
- हाल ही के रणजी सीज़न (2024-25) में उन्होंने दो शतक लगाए और 476 रन बनाए, औसत रहा 52.88।
नई शुरुआत की ओर
35 वर्षीय विजय शंकर अब नई चुनौती को अपनाने के लिए तैयार हैं। तमिलनाडु को छोड़कर त्रिपुरा से खेलने का उनका फैसला उनके करियर का अहम मोड़ साबित हो सकता है।
क्रिकेट फैंस अब यह देखने को उत्सुक होंगे कि त्रिपुरा टीम में विजय शंकर का प्रदर्शन कैसा रहता है और क्या वह एक बार फिर घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित कर पाएंगे।