27 अगस्त 2025 से अमेरिका ने भारतीय सामानों पर कुल 50% टैरिफ लागू कर दिया है। इसमें 25% का बेसिक टैरिफ और रूस से तेल की खरीदारी के चलते 25% का अतिरिक्त टैरिफ शामिल है। इसका असर सबसे ज्यादा Textiles, Sea Food और Gems & Jewellery सेक्टर पर पड़ने वाला है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर 1 अगस्त तक कोई ट्रेड डील नहीं होती तो 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। अब यह डेडलाइन पूरी होने के बाद नया टैरिफ लागू हो गया है।
भारतीय स्टॉक मार्केट पर असर
टैरिफ लागू होने से एक दिन पहले यानी 26 अगस्त को ही भारतीय स्टॉक मार्केट में जोरदार गिरावट देखने को मिली।
- Sensex: 849.37 अंकों की गिरावट के साथ 80,786.54 पर बंद
- Nifty 50: 255.70 अंकों की गिरावट के साथ 24,712.05 पर बंद
- सिर्फ FMCG सेक्टर ग्रीन जोन में रहा (+0.91%)
- Realty, Metal और Textile सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला
27 अगस्त को गणेश चतुर्थी के कारण शेयर बाजार बंद रहा, लेकिन निवेशकों में डर साफ दिखा।
किन कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर?
भारत के कई बड़े Exporters का 20% से 70% Revenue अमेरिकी बाजार से आता है। ऐसे में टैरिफ का झटका सीधा इन पर पड़ेगा:
कंपनी का नाम | Revenue में अमेरिका का हिस्सा |
---|---|
गोकलदास एक्सपोर्ट्स | 60-70% |
वेलस्पन लिविंग | 50% से ज्यादा |
KPR मिल | 40-50% |
इंडो काउंट इंडस्ट्रीज | 20-30% |
इंडस्ट्री और एक्सपर्ट्स की राय
- किरीट भंसाली (GJEPC चेयरमैन):“50% टैरिफ पर ज्वैलरी इंडस्ट्री टिक नहीं पाएगी। हम राज्य सरकारों से मिलकर वर्कर्स को राहत दिलाने की कोशिश करेंगे।”
- देवांश शाह (Venus Jewels):“हमारे Export का 30-40% हिस्सा अमेरिका जाता है। अब हमें वैकल्पिक बाजारों की तलाश करनी होगी।”
- शिवरामकृष्णन गणपति (Gokaldas Exports):“अगर अतिरिक्त 25% शुल्क लगा तो इंडस्ट्री को सरकार की मदद की जरूरत होगी। अब देखना होगा कि Export दूसरे देशों में सफलतापूर्वक डायवर्ट किया जा सकता है या नहीं।”
- नीलेश शाह (Kotak Mahindra AMC):“50% टैरिफ भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ‘Death Sentence’ नहीं है। लेकिन सरकार को प्रभावित सेक्टर्स को कर्ज और राहत पैकेज देना होगा।”
- मार्क मोबियस (Mobius Capital Partners):“Long Term में भारतीय मार्केट मजबूत रहेगा। लेकिन GDP पर 0.5% से 0.75% तक का असर पड़ सकता है।”
भारतीय सरकार की चुनौतियाँ
- प्रभावित सेक्टर्स को तुरंत राहत देना
- अमेरिका पर निर्भर Export को Diversify करना
- घरेलू बाजार को और मजबूत करना
- Foreign Investors का भरोसा बनाए रखना
आगे का रास्ता
- भारत को अब यूरोप, मिडिल ईस्ट और एशियाई देशों में नए Export Market खोजने होंगे।
- Textile और Gems Industry को Cost कम करने और वैल्यू ऐडेड Products बनाने पर ध्यान देना होगा।
- सरकार कर्ज, टैक्स छूट और सब्सिडी जैसी मदद पर विचार कर सकती है।
निष्कर्ष
अमेरिका का यह फैसला भारतीय Export इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका है। खासकर Textile और Jewellery सेक्टर को तुरंत नुकसान झेलना पड़ेगा। हालांकि, Long Term में Experts मानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस संकट से उबर जाएगी।